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फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक

फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक kshititech

10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक जिले में संचालित किया जाएगा

सक्ती ‌। जिला सक्ती में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर आज बड़ा कदम उठाया गया। दिनांक 06.01.2025 को प्रातः 10:30 बजे कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ. पूजा अग्रवाल ने सभी विभागों को संबोधित करते हुए फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के खतरे और उससे बचाव के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक जिले में संचालित किया जाएगा।

सीएमएचओ डॉक्टर पूजा अग्रवाल ने बताया यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के 18 जिलों 65 ब्लॉक में चलाई जा रही है जिसमें 10 फरवरी 2026 से 12 फरवरी 2026 तक बूथ स्तर में स्कूल .आंगनबाड़ी. उप स्वास्थ्य. केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा खिलाई जाएगी और 13 फरवरी 2026 से 22 फरवरी तक मितानिन व आंगनबाड़ी द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी 23 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक मापप राउंड छूटे हुए व्यक्तियों को दवा खिलाई जाएगी। यह कार्यक्रम सक्ती ,डभरा जैजैपुर में की जा रही है । डॉक्टर स्नेहा श्री डब्लू एच ओ बिलासपुर ने बताया हाथी पांव क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से यह बीमारी होती है इसका दुष्प्रभाव 5 से 10 साल तक लग जाते हैं हाइड्रोसील भी हाथी पांव के लक्षण हैं हाइड्रोसील का इलाज ऑपरेशन द्वारा हो सकता है हाथीपाओ बीमारी एक ला इलाज बीमारी है
एक बार हो जाने पर इस बीमारी का इलाज संभव नहीं है. 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं को यह दवा सेवन नहीं करानी है दवा खाली पेट नही देना है .उनके बाद सभी लोगों को यह दावा अनिवार्य रूप से देना है ऐसी जानकारी दी गई जिसमें डॉक्टर सुदर्शन भाराद्वाज जिला फाइलेरिया अधिकारी और पीसीआई इंडिया के जिला समन्वयक अनिल कुमार टंडन कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में समस्त विभागों की अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। कलेक्टर, जिला सक्ती ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम को शत-प्रतिशत सफल बनाने हेतु आपसी समन्वय और पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जाए।