अटल के सपनों को साकार करता छत्तीसगढ़ लगातार प्रगति पथ पर

सक्ती – सेवा कार्यों की उम्मीद सिर्फ सरकार से नहीं की जा सक्ती इसलिए समाज सेवी संस्थाओं और संगठन को समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आगे आना होगा, अटल जी की यह बात आज भी शत प्रतिशत लागू है क्योंकि सरकार की योजनाओं को धरातल पर लाने सरकारी नुमाइंदों के बल पर संभव ही नहीं है, यह बात उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय सिंह ने अटल जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारत रत्न अटल जी के उपहार में मिला हमारा प्रदेश अनवरत विकास की मंजिल तय कर रहा है और जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति देश में मिसाल है आज राज्य स्थापना की रजत जयंती पर्व मना रहे हैं तथा देश भर में हमारी जी डी पी १७ वें कर्म प है अर्थात अटल के सपनों का प्रदेश छत्तीसगढ़ तेजी से विकास पथ पर बढ़ता नजर आ रहा है।
आज अटल जी की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ ही पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इन पलों में उनके द्वारा रचित कविता; क्या हार में,क्या जीत में; किंचित भयभीत नहीं मैं। कर्तव्य पथ पर जो मिला, यह भी सही वो भी सही है।।वरदान नहीं मागूंगा, चाहे जो भी हो पर हार नहीं मांगूंगा, का पाठ हुआ।


