सक्ती

मनरेगा की कहानी- मनरेगा वर्सेस VB जी राम जी, सक्ती जिले के कांग्रेस नेता नितेश वर्मा ने उठाए सवाल

सक्ती –  पूरे देश भर में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा में महात्मा गांधी के नाम को हटाकर विधेयक पेश करने का जहां सड़कों पर उतरकर जमकर विरोध किया है, तो वही इसी बीच सक्ती जिले के कांग्रेस नेता नितेश वर्मा ने भी मनरेगा के नाम बदलने पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपना एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि आज काम वही है, पसीना वही है, सिर्फ मनरेगा का नाम बदलना, क्या गांधी जी के नाम को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं, आज देश की संसद में एक समय मोदी जी ने ही खड़े होकर मनरेगा को देश की सफलता का स्मारक बताया था, किंतु आज क्या उसी सफलता के स्मारक से एवं गांधी जी के नाम से इतनी नफरत हो गई है, जिसके चलते ब्रश एवं पेंट लेकर मनरेगा के नाम को ही मिटा देना चाहते हैं, नितेश वर्मा ने बड़ी ही बेबाकी से अपनी भावनाएं मनरेगा के नाम बदले जाने पर व्यक्त करते हुए कहा है कि आज मनरेगा के म से जहां महात्मा गांधी जी का सम्मान होता था तथा इलाहाबाद चले गए, मुगलसराय चले गए, अब बारी है गांव-गांव में मनरेगा के नाम को मिटाने की, वर्षों पूर्व केंद्र शासन द्वारा प्रारंभ की गई मनरेगा गांव गांव तक के उन लोगों के लिए एक वरदान बनी हुई थी, तथा मनरेगा में किए गए प्रावधान लोगों के लिए कल्याणकारी थे, जिसे बहुत ही संक्षिप्त में मैं आप सभी के बीच रखना चाहता हूं।