सक्ती

छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग ने जारी किया आदेश,मंत्री एवं बड़े अधिकारियों को जिला भ्रमण के दौरान नहीं दी जाएगी सलामी

सक्ती –   छत्तीसगढ़ प्रदेश में मंत्रियों एवं अनेकों विभागों के बड़े अधिकारियों के जिला भ्रमण एवं प्रवास के दौरान उन्हें सलामी दिए जाने की प्रथा चली आ रही थी, जिसे छत्तीसगढ़ शासन गृह (सामान्य) विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर, के आदेश रायपुर दिनां 19/12/2025 कंमांक Gencor-35/2523/2025-HOME के अनुसार समाप्त कर दिया गया है, आदेश में बताया गया है कि राज्य शासन एतद्वारा सलामी की समीक्षा कर सलामी गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) की प्रकिया में संशोधन करते हुए, पुलिस बल की कार्य क्षमता बढ़ाने और उपनिवेशवाद (Colonial System) को दर्शाती प्रक्रिया को समाप्त करने के उददेश्य से सलामी गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) की वर्तमान व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है।जाता है। अतः सक्षम स्वीकृति उपरांत निम्नलिखित निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किया राज्य के भीतर सामान्य दौरों, आगमन / प्रस्थान एवं निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित को अब सलामी गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) नहीं दिया जायेगा। राज्य के माननीय गृहमंत्री एवं माननीय समस्त मंत्रीगण, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य चरिश्ठ पुलिस अधिकारी जिला में भ्रमण / दौरे / निरीक्षण के समय इन महानुभावों एवं अधिकारियों के लिये पूर्व में प्रचलित सलामी की व्यवस्था पूर्णतः समाप्त की जाती है। उपयुक्तः उल्लेखित कंडिका 1 के प्रतिबंध राष्ट्रीय एवं राजकीय समारोह के अवसर पर लागू नहीं होगें। निम्नलिखित अवसरों पर औपचारिक सलामी गारद पूर्ववत्त दी जायेगीः-गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) एवं स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)। शहीद पुलिस स्मृति दिवस (21 अक्टूबर) एवं राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर)। राजकीय समारोह, पुलिस दीक्षांत परेड। प्रोटोकॉल अनुसार संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभाव एवं अतिथियों के लिये सलामी गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) की व्यवस्था पूर्वानुसार यथावत रहेगी। उपरोक्त आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से 19 दिसंबर 2025 को उप सचिव छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग ने जारी किए हैं।