सक्ती

बिल्हा के अग्रवाल परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ ,बिलासपुर रेल हादसे में पुत्र की मौत के बाद घायल पिता की भी हुई मौत

सक्ती –  विगत महीनो बिलासपुर स्टेशन के ठीक नजदीक यात्री ट्रेन के खड़ी मालगाड़ी से टकरा जाने के कारण अनेकों रेल यात्रियों की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, तो वहीं इस रेल दुर्घटना में काफी संख्या में रेल यात्री घायल भी हुए थे तथा इन्ही घायलों में अग्रवाल परिवार बिल्हा के एक व्यक्ति ने भी लंबे उपचार के बाद अंतत दम तोड़ दिया तथा उपरोक्त व्यक्ति के पुत्र की दर्दनाक मौत घटनास्थल पर ही इस रेल हादसे में हुई थी, तथा अब पिता पुत्र दोनों की ही मृत्यु के बाद अग्रवाल परिवार बिल्हा पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है बिल्हा गतौरा खदान रेल खंड में गेवरा बिलासपुर मेमू लोकल ट्रैक पर खड़ी मॉलगाड़ी से टकरा गई थी, इस दुर्घटना में पहले अंकित अग्रवाल पिता तुलाराम अग्रवाल बिल्हा की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया था। इस कष्टदाई मंजर से पूरा परिवार सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि ट्रेन दुर्घटना में घायल परिवार का मुखिया तुलाराम अग्रवाल उम्र 56 वर्ष पिता मूलचंद अग्रवाल बिल्हा की मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में पहुंचा दिया। पूरे बिल्हानगर में शोक की लहर छा गई। ज्ञात हो पूरे परिवार का खर्च मृत पिता पुत्र के कंधों पर था। एक पुत्र मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण कुछ कर पाने में असमर्थ है । इस दुर्घटना ने पत्नी से पति का साया छीना, मां से पुत्र का साया छीना ,बहन से भाई का व पिता का साया छीना अग्रवाल परिवार के इस पिता- पुत्र की मौत पर बिल्हा के उनके परिजनों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा है कि रेलवे प्रशासन ने तो दुर्घटना के समय पुत्र की मौत पर 10 लाख रुपए का मुआवजा देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली,किंतु अब क्या इस परिवार की जिंदगी के आगे के सफर उनकी रोजी-रोटी का इंतजाम कौन करेगा, यह सबसे बड़ा सवाल है । बिल्हा हनुमान चालीसा समिति के संरक्षक वह छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ के ब्लॉक अध्यक्ष डॉक्टर आर सी अग्रवाल, संतोष यादव, दिलीप गुप्ता, संजय अग्रवाल, राजेश शर्मा,सुखी देवांगन, हृदय यादव,राजकुमार मानिकपुरी, जलेश्वर कौशिक, शिवम नौबतका, सुरेंद्र मित्तल, राजेश नागलिया, कैलाश शर्मा व पत्रकार गण विनोद वर्मा, हरीश गुप्ता, कमल गर्ग के साथ-साथ बिल्हा नगर के सर्व समाज ने एक साथ एक स्वर में समाचार पत्रों के माध्यम से रेलवे प्रशासन राज्य सरकार व केंद्र सरकार से मांग की है कि उनके परिवार के भरण पोषण की तत्काल व्यवस्था की जाए। परिवार के सक्षम सदस्य को यथा शीघ्र शासकीय नौकरी प्रदान करें।