जनपद पंचायत जैजैपुर ग्राम करही के पंचायत भवन से सचिव नदारत, पंचायत भवन में हमेशा लटका रहता है ताला

सक्ती/बिर्रा- ग्राम करही के पंचायत भवन से पंचायत सचिव हमेशा नदारत रहता है। जिसके कारण ग्राम पंचायत करही के पंचायत भवन में हमेशा ताला लटका हुआ मिलता है। पंचायत सचिव के नियमित रूप से पंचायत भवन करही में नहीं बैठने के कारण ग्राम वासियों को बेवजह भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवीन जिला सक्ती के जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत करही (किकिरदा) में पदस्थ पंचायत सचिव अनिल कुमार खुटे के द्वारा पंचायत भवन से हमेशा नदारत रहने के कारण पंचायत भवन में ताला लटकता हुआ दिखाई दे रहा है। शासन प्रशासन की निष्क्रियता एवं लापरवाही के कारण आम नागरिकों को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सचिव हमेशा जनपद पंचायत मुख्यालय जैजैपुर जाने की बात बोलकर बहाना बनाते हैं। अगर पंचायत सचिव का माह में एक बार दर्शन हो गया तो सबसे बड़ी बात है। पंचायत सचिव अनिल कुमार खूंटे ग्राम पंचायत करही में वर्तमान पंचायत पदाधिकारियों के कमजोरी का पूरा-पूरा फायदा उठा रहा है। जिसकी वजह से पंचायत आता जाता नहीं है। ग्राम पंचायत करही में उप सरपंच का नहीं होना। इसके साथ ही सरपंच पति का गांव से बाहर होना। इन सभी का पंचायत सचिव अनिल कुमार खूंटे शासन के नियम के विरुद्ध चलकर पूरा फायदा उठा रहा है। एक परित्यागिता महिला अपने राशन कार्ड बनवाने के फॉर्म में पंचायत सचिव से हस्ताक्षर करवाने के लिए और कई बुजुर्ग वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए कई बार पंचायत सचिव का दर्शन करने के लिए पंचायत भवन का दर्जनों चक्कर काट चुके हैं। इसके बावजूद भी पंचायत सचिव अनिल कुमार खुटे का पंचायत भवन में नहीं मिलना विभाग के उच्च अधिकारियों का पंचायत सचिव अनिल कुमार खूंटे के साथ मिली भगत को दर्शाता है। ग्राम वासियों ने बताया कि जन्म और मृत्यु की पंजीयन करवाने के साथ प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बार-बार पंचायत भवन का चक्कर काटने के बाद भी पंचायत सचिव से मुलाकात नहीं हो पा रही है। जिसके कारण ग्रामीणों को मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कारण चाहे जो भी हो ग्राम पंचायत करही के पंचायत भवन से सचिव के नदारत रहने से ग्राम वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम वासियों ने उक्त पंचायत सचिव को यहां से हटाने की मांग कलेक्टर महोदय से किए हैं।


