हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा एवं जुर्माना

सक्ती – सक्ती अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि आवेदक संजय दिव्य की रिपोर्ट पर मृतक करन दिव्य संबंध में थाना सकती में दर्ज गुम इंतन कमांक 06/23 की विवेचना के दौरान संदेही तुलाराम दिव्य उर्फ रामेश्वर दिव्य एवं विधि से संघर्षरत बालक अरविंद इंशिल से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि वे दोनो मिलकर घटना दिनांक 30.07.2023 के शाम 7.00 बजे करत दिव्य को ग्राम बैलाचुआ (बोलियामुडा) के पास स्थित जंगल में से जाकल पुरानी रंजीश के कारण करन दिव्य को जान से मारने के उद्दे श्य से उसके सिर चेहरा में 5-6 वार कर हत्या किये है। उका आधार पर मर्ग इंटिमेशन कमांक 00/23 दर्ज कर जांच कार्यवाही प्रारंभ की गयी मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया तथा अकाल एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना मर्ग क्रमांक 85/2023 दर्ज किया गया। मर्ग विवेचना के दौरान आरोपी गुलाराम दिव्य उर्फ रामेश्वर दिव्य विधि से संघर्षरत बालक अरविंद बेसिल के साथ मिलकर उपरोक्त घटना कारित किये जाने के संका में अपराध सबूत धाये जाने पर आरोपी तुलाराम दिव्य उर्फ रामेश्वर दिव्य के विरुध्द धारा 364.120 वी 302.201 भादस के तहत अपराध क्रमांक 227/2023 पंजीकद कर विवेचना प्रारंभ की गयी। विवेचना के दौरान घटनास्थल का मौका पर तैयार किया गया जप्ती पत्रक के अनुसार जप्ती की कार्यवाही की गयी। अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपी की विधिवत् गिरफ्तार किया गया गवाहों के कथन लेखबध्द किये गये। प्रकरण में अभियोग पत्र माननीय व्यायालय प्रथम अपर सत्र सक्ती में पेश किया गया। अनियोजन द्वारा अपने पक्ष में 21 अभियोजन साक्षियों का कथन कराया गया संपूर्ण अभियोजन साक्षियों के कथन उपरांत प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती श्री प्रशान्त कुमार शिवहरे ने अपने निर्णय दिनांक 11.11.2025 को आरोपी तुलाराम दिव्य उर्फ रामेश्वर को भादस की धारा 302 के अपराध में आजीवन कारावास एवं 1000 अर्थदण्ड से तथा भादंस की धारा 201 के अपराध में 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500/- अर्थदण्ड से दंडित किया गया है अर्थदण्ड की राशि के वत्तिकम किये जाने की दशा में आरोपी को कमशः 6 माह एवं 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताया जाये आरोपी को दी गयी उपरोक्तानुसार कारावास की सजा साथ साथ चलेगी। अभियोजन पक्ष की और से उदय कुमार वर्मा अतिरिक्त लोक अभियोजक सन्ती ने पैरवी किया।


