देवउठनी एकादशी के लिए गन्ना से सजा बाजार लगभग चार महीने से बंद मंगल कार्य आने वाले 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी से शुरू हो जाएंगे

सक्ती – देवउठनी एकादशी के लिए गन्ना से हमारा शक्ति का बाजार सज गया है शहर के कचहरी चौक, गौरव पथ मार्ग, चौपाटी के आसपास भारी मात्रा में गन्ने की आवक हुई है गन्ने के व्यापारी ने बताया कि गन्ना जांजगीर चांपा जिले के करनोद, पिसौद ग्रामीण क्षेत्र के किसानों से मंगाया गया है यहां के गन्ने मीठे स्वाद में रस भरे होते हैं, गन्ने की कीमत भी अलग-अलग है , 100 रूपए के तीन गन्ने, कही कही चार गन्ने भी मिल रहे हैं, देवउठनी ग्यारस के लिए पिकअप में भारी मात्रा में गन्ने की आवक शक्ति शहर मे शुरू हो गई है । वही लगभग चार महीने से बंद मंगल कार्य आने वाले 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी से शुरू हो जाएंगे। अगले दिन तुलसी विवाह होगा। वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल एकादशी 1 नवंबर को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी जो 2 नवंबर सुबह 7.31 बजे तक विद्यमान रहेगी। ऐसे में देवउठनी 1 नवंबर को मनाई जाएगी। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं। देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी पर तुलसी विवाह होता है। द्वादशी तिथि 2 नंबवर को सुबह 7.31 बजे से शुरू होकर 3 नवंबर को सुबह 5.07 बजे समाप्त होगी। इसके साथ ही मांगलिक कार्य अर्थात विवाह कार्यक्रम होने प्रारंभ हो जाएंगे ।


