बिर्रा में मासिक संगीत गुंजन “कोमल ऋषभ” सम्पन्न

बिर्रा – संस्कार भारती जिला सक्ती के निर्देशन में शारदा संगीत महा विद्यालय बिर्रा द्वारा आयोजित मासिक संगीत गुंजन “कोमल ऋषभ” राग यमन पर आधारित सभा कार्यक्रम दिनांक 26 अक्टूबर दिन रविवार को आचार्य चाणक्य सभागार में मनाया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में धनेश मिश्रा जिलाध्यक्ष ब्राह्मण समाज, तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता शैलेष दुबे जिला सचिव ने किए । विशिष्ट अतिथि के रूप में विशाल नाथ तिवारी सेवानिवृत्त प्रधान पाठक,टी पी तिवारी सेवानिवृत्त प्रभारी प्राचार्य, बी एल सागर संचालक करियर पॉइंट किड्स स्कूल बिर्रा,शम्भू प्रसाद गौरहा , भुवनेश्वर चौबे आदि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धनेश मिश्रा जिलाध्यक्ष ब्राह्मण समाज जांजगीर चांपा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मासिक गुंजन कोमल ऋषभ बाल एवं युवा प्रतिभाएं जो शारदा संगीत विद्यालय के छात्र हैं उनको मंच देकर उनकी प्रतिभा को निखारना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। बाल कलाकारों को मंच देने से उसमें छुपी प्रतिभा निखर कर सामने आती है। इस कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे शैलेश दुबे ने कहा कि शास्त्रीय संगीत एक अतिरिक्त विद्या या किसी प्रकार वैकल्पिक विषय नहीं है बल्कि ये ईश्वर प्राप्ति का सशक्त माध्यम है। विशालनाथ तिवारी ने कहा कि शास्त्रीय संगीत गुंजन के माध्यम से क्षेत्र में संगीत का प्रचार प्रसार हो रहा है,जो संगीत को जन सुलभ बनाने के लिए कटिबद्ध है। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज तिवारी द्वारा किया गया। समस्त विद्यार्थियों को पेन,कॉपी देकर प्रोत्साहित किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम के शुभारंभ में माँ भगवती शारदा के तैलचित्र पर पूजार्चना कर किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार पं०प्रवीण तिवारी द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना सृष्टि कश्यप तथा प्रवीण द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। सृष्टि द्वारा “आज जाने की ज़िद ना करो” गाया गया। तबला में संगत एस के थवाईत सर द्वारा किया गया। जयेश काश्यप द्वारा “रे मन सुर में गा” गाया गया। जयंत कश्यप द्वारा राग यमन में बन्दिश व चंदन सा बदन प्रस्तुत किया गया। जिसमें तबला संगत प्रवीण तिवारी द्वारा किया गया। जानकी व देवेंद्र पटेल द्वारा राग यमन की बन्दिश प्रस्तुत की गई। त्रिशाला महंत द्वारा “अभी ना जाओ छोड़कर” गाकर समा बांध दी गई। प्रवीण तिवारी द्वारा राग यमन में “पटियाला,किराना व बनारस तीनों घराने की क्रमशः झपताल, तीनताल व एकताल में छोटा ख्याल तथा चंदन सा बदन एवं निगाहे मिलाने को जी चाहता है के साथ ही साथ छठगीत प्रस्तुत किया गया। जिसमें तबला संगत श्रवण थवाईत एवं हार्मोनियम संगत जयंत कश्यप द्वारा किया गया। भूपेंद्र कश्यप द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया। श्रवण थवाईत द्वारा “छाप तिलक” गाकर समां बांध दी गई। जिसमें तबला संगत प्रवीण तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन भैरवी की प्रसिद्ध ठुमरी “बाजू बंद खुल खुल जाए” जयंत कश्यप एवं प्रवीण तिवारी द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन मनोज तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्रद्धा नायक,देवेंद्र पटेल, चांदनी कहरा आदि उपस्थित रहे। उक्ताशय की जानकारी प्रवीण कुमार तिवारी द्वारा दिया गया है।


