अधिवक्ता परिषद चुनाव में २२८ अधिवक्ताओं ने किया मतदान

सक्ती – छत्तीसगढ़ राज्य अधिवक्ता परिषद का चुनाव आज चुनाव अधिकारी प्रथम अपर न्यायाधीश प्रशांत शिवहरे के द्वारा संपन्न कराया गया जिसमें अधिवक्ता संघ शक्ति में पंजीकृत ३१७ मतदाताओं में से कुल २२८ अधिवक्ताओं ने मतदान किया जिसमें प्रदेश भर के १०५ प्रत्याशियों ने राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य हेतु अपनी किस्मत दांव पर लगाया है। राज्य अधिवक्ता परिषद के इस विशिष्ट चुनाव में प्रथम वरीयता के मत हेतु प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों के बीच दिन भर जोर आजमाइश चलती रही तथा आम चुनावों की तरह मतदाता अधिवक्ताओं को लुभाने प्रत्याशी एवं समर्थक हर तरह से हथकंडे अपनाते हुए सुबह से लेकर शाम तक जोर आजमाते नजर आ रहे थे और चुनाव आम चुनावों की तरह रोमांचक नजर आ रहा था । मतदान अधिकारी के मतदान समाप्ति की घोषणा तक के २२८ मतदाताओं के मतदान के साथ ही १०५ उम्मीदवारों के भाग्य मतपेटी में बंद हो गया है। विदित हो कि इस बार परिणाम के लिए अधिवक्ताओं को माननीय उच्च न्यायालय के ३० अक्टूबर की सुनवाई तक इंतजार करना पड़ेगा। मतदान अधिकारी ने फिलहाल, मतपेटी मुहरबंद कर प्रधान जिला न्यायाधीश को प्रेषित किया है जहां से उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार मतगणना के लिए बिलासपुर भेजा जावेगा। आज सक्ती मतदान केंद्र में स्थानीय प्रत्याशी लीलाधर चंद्रा एवं कमल किशोर पटेल के साथ ही श्रवण चंदेल, पुष्पेंद्र पटेल, प्रभाकर चंदेल, गणेश गुजराल आदि के समर्थक लगातार मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाते नजर आ रहे थे। इन पलों में उपस्थित उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने बताया कि इस बार छत्तीसगढ़ राज्य अधिवक्ता परिषद का चुनाव में परंपरा से हट कर आम चुनाव की तरह साम दाम दंड_भेद की नीति सुर चढ़ कर बोलते नजर आई जिससे यह चुनाव आने वाले समय और महंगी साबित होगी जो अधिवक्ता हित में अच्छा संकेत नहीं है,क्योंकि धन बल का प्रभाव चुनाव को दूषित करता है।


