जिला आयुष विभाग ने स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत किया जागरूकता कार्यक्रम

सक्ती – आयुर्वेद विश्व की श्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति है जिसके प्रयोग से रोगों का समूल नाश होता है यह बात अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ अवसर पर बताते हुए कहा कि हम अपने जीवन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आत्मसात करें। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के रजत जयंती उत्सव के तारतम्य में जिला आयुर्वेद अधिकारी के मार्गदर्शन में सक्ती जिला आयुष विभाग की ओर से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार; ध्येय के साथ स्थानीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला शक्ति में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ बेनजीर अहमद ने गर्भावस्था से प्रसव के दरमियान एक नारी के दिनचर्या व खान पान पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि मां बनना जिंदगी का श्रेष्ठ उपहार है। डॉ मोनिका गबेल ने बाल्य अवस्था में लड़कियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि इस दौरान शरीर में अधिक हार्मोनल परिवर्तन के दुष्प्रभाव से बचने हेतु स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना चाहिए। डॉ युगाधी जायसवाल ने नारी की युवा अवस्था,प्रोढावस्था और वृद्धावस्था को नारी के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि इन अवस्थाओं में अलग-अलग तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं और इस उम्र में पोषण का अत्यंत महत्व रहता है अतः अपने खान-पान जीवन शैली में महत्व की विस्तार से जानकारी प्रदान की। योग प्रशिक्षका संतोषी सेन ने छात्राओं को योग और आसन के लाभ बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से हम जीवन में बिना औषधि के स्वस्थ रह सकते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ में प्राचार्य सरोजिनी लकड़ा ने स्वागत भाषण करते हुए आयोजन के लिए आयुष विभाग के प्रति साधुवाद व्यक्त किया तो वहीं कार्यक्रम का संचालन करते हुए आयुष के जिला नोडल अधिकारी डॉ अनिल पटेल ने आयोजन में सहयोग प्रदान करने के लिए आयोजक विद्यालय परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि जल्द ही विद्यालय में निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा एवं औषधि वितरण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के साथ हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।


