जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय में छत्तीसगढ राज्य स्थापना वर्ष 2000 रजत जयंती महोत्सव 2025 का हुआ आयोजन

सक्ती – स्थानीय जे.एल.एन. डिग्री कालेज सक्ती में छ.ग. राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शासन के निर्देशानुसार आज दिनांक 12.09.2025 को महाविद्यालय में छत्तीसगढ की 25वीं वर्षगांठ पर रजत जंयती का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में वक्तागण, साहित्यकार भगत राम साहू, एल.आर. जायसवाल, रघुनाथ जायसवाल, प्रेमचंद श्रीवास्तव पूर्व नगर पालिका अधिकारी एवं पूर्व अध्यक्ष गायत्री शक्ति पीठ सक्ती वरिष्ठ व्यवसायी अमर अग्रवाल, कन्हैया गोयल, निकहत करीम शिक्षिका एवं समाज सेविका, शहनाज बानो एवं मनीषा भारद्वाज शिक्षिका समाज सेविका सभी वक्तागण के द्वारा कार्यक्रम की शुभारंभ भारतीय परांपरा संस्कृति का सम्मान करते हुए ज्ञान की देवी सरस्वती, प्रतिमा विघ्नहर्ता गणेश जी का प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया गया। पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित जनसमूह अतिथियों छात्र/छात्राओं द्वारा छत्तीसगढ राजगीत का गायन किया गया। वक्तागण अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय के प्राध्यापको द्वारा साल, पुष्प गुच्छ से किया गया। तत्पश्चात क्रमशः संगोष्ठी मे वक्तागणों द्वारा रजत जयंती समारोह पर अपना विचार को रखते हुए जानकारी दी गई, छत्तीसगढ राज्य का प्राचीन नाम दक्षिण कोशल था, भगत राम साहू ने अपने व्याख्यान में कहा कि छत्तीसगढ का इतिहास कला एवं साहित्य से जुड़ा है, आज भी इसका महत्व है। इन्होने साहित्यिक रुप से अपना व्याख्यान कविता के माध्यम से पूर्ण किया। साहित्यकार आर.एल. जायसवाल ने अपने छत्तीसगढी कविता के माध्यम से छात्र/छात्राओं को छत्तीसगढ के उपलब्धि के संबध में उन्होनें अवगत कराया और राज्य मे सेवानिवृत्ति 60 वर्ष की उम्र मे निर्धारित था जिसे आज 62 वर्ष किया गया। रघुनाथ जायसवाल ने अपने व्याख्यान में कहा कि पूर्व मे इस राज्य में 16 जिला था आज 33 जिले है। खनिज विद्युत, कोयला, उद्योग शिक्षा एवं स्वास्थ्य की दिशा में छत्तीसगढ राज्य अग्रसर है। शिक्षिका एवं समाज सेविका निकहत करीम ने व्याख्यान में कहा कि छत्तीसगढ का साक्षरतादर पहले की अपेक्षाकृत बढकर आज 78 प्रतिशत हो चुका है। राज्य मे शिक्षा का स्तर बढ गया है। इन्होने भारत के पूर्व महामहिम राष्ट्रपति स्व. अब्दुल कलाम ने जब छत्तीसगढ की सुंदरता को देखकर अंग्रेजी मे लिखी कविता जिसका निकहत करीम ने हिन्दी मे सुनाया। समाज सेविका शहनाज बानो ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के छत्तीसगढ राज्य के सक्ती जिला डोलो माइट उत्पादन मे प्रथम स्थान है। शिक्षा संस्थान विश्वविद्यालय महाविद्यालय एवं स्कूलो की संख्या में वृद्धि हुई है। यह हमारे लिए स्वर्णीम अवसर है कि छात्र/छात्राओं दूरस्थ जाने के बजाय अपनी स्थानीय संस्थान में अध्यापन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। शिक्षिका मनीषा भारद्वाज ने कहा कि छत्तीसगढ आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है, पहले के अपेक्षाकृत स्कूलो मे सुविधा जनक एवं पर्याप्त साधन है तथा मेडिकल कालेज खुलवाने में छत्तीसगढ राज्य ने अहम भूमिका निभाई है। प्रेमचंद श्रीवास्तव पूर्व नगर पालिका सक्ती एवं पूर्व अध्यक्ष गायत्री शक्तिपीठ सक्ती ने अपने उद्बोधन में बताया की जिस समय छत्तीसगढ राज्य नही बना था, तब कार्य नागपुर से संचालित हो रहा था। तत्पश्चात् मध्यप्रदेश से जुड़ा हुआ रहा। प्रशासनिक एवं न्याययिक कार्य के लिए जबलपुर भोपाल जाना पड़ता था। परन्तु आज राज्य बनने के बाद सभी सुविधाए छत्तीसगढ मे सुचारु रुप से मिल रही है। बिजली, खनिज संपदा का भरपूर भंडार है। प्रतिष्ठित व्यवसायी अमर अग्रवाल ने छात्र/छात्राओं को अपनी जीवन काल छात्र जीवन मे अध्ययन किया और अपना अनुभव की जानकारी दी एवं छात्र/छात्राओं को नैतिक कर्तव्य को राज्य के प्रति निभाने के लिए प्रेरित किया। कन्हैया गोयल ने कहा कि सक्ती जिला बनने के बाद सभी प्रशासनिक कार्य आज सुचारु रुप से चल रहे है, छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव की बात है, हम हर तरह की सुविधाओ का आनंद ले रहे है। छत्तीसगढ राज्य विगत 25 वर्ष मे जो विकास किया है, वह आम जनता के सहयोग के बिना संभव नही था। आज महाविद्यालय मे रजत जंयती समारोह पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न संकाय के छात्र/छात्राओं ने अपनी प्रतिभा कला से छत्तीसगढ के 25वीं वर्षगांठ रजत जयंती पर पोस्टर तैयार कर छत्तीसगढ राज्य का मान सम्मान को बढाया था। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों ने रचनात्मक, सामाजिक, जागरुकता और कला के प्रति रुचि को बढावा देना है, एवं छत्तीसगढ राज्य में हो रहे विकास को जागरुक करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालू पाहवा ने उपस्थित छात्र/छात्राओं को अपने उद्बोधन में कहा कि रजत जयंती हमारे छत्तीसगढ के इतिहास मे एक मील का पत्थर है। और युवा ही राष्ट्र एवं राज्य का निर्माता होता है, उनके बिना निर्माण संभव नही होता इसलिए एकजुट होकर कार्य के प्रति समर्पित होना हैं। हम सभी को प्रयास कर छत्तीसगढ को राष्ट्र का सबसे उन्नत एवं विकसित राज्य बनाने का प्रयत्न करना चाहिए। साप्ताहिक चल रहे इस छत्तीसगढ 25वीं वर्षगांठ जयंती समारोह ने हमें अपने राज्य के प्रति प्रेम और निष्ठा के प्रति प्रेम को प्रेरित किया है। रजत जयंती समारोह का सफल संचालन अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. मेघनाथ जायसवाल के किया गया। अभार प्रदर्शन अंग्रेजी विभाग के प्रो. अजित जॉन ने अतिथियों का तहे दिल से शुक्रिया धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, समस्त कार्यालयीन स्टाफ, छात्र/छात्राओं ने अति उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दी।


