सक्ती

मनरेगा तकनिकी सहायक बना ठेकेदार  नाली निर्माण में एस्टीमेट के आधार पर नहीं बनाया नाली

मनरेगा तकनिकी सहायक बना ठेकेदार  नाली निर्माण में एस्टीमेट के आधार पर नहीं बनाया नाली kshititech

स्वयं किया मूल्यांकन 19 लाख की नाली का लगभग 13 लाख रुपया किया आहरण अधूरा बिना ढक्कन के नाली

सक्ती – ग्राम पंचायत पलाडी़ खुर्द में मनरेगा तकनीकी सहायक क्षितिज राज  ग्राम पंचायत में पदस्थ रहते हुए मनरेगा  से लगभग 19 लाख से  बनने वाले  नाली निर्माण का कार्य तकनीकी सहायक क्षितिज राज द्वारा  ठेकेदारी करने एवं एस्टीमेट से हटकर निर्माण करने तथा लगभग 11लाख रुपए का मूल्यांकन  फर्जी भुगतान को लेकर शिकायत करता धर्म रात्रे के  द्वारा लिखित शिकायत जिला कलेक्टर कार्यालय एवं जनपद पंचायत कार्यालय को लिखित शिकायत की   गई थी  जिस पर  टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए गए थे जांच में शिकायत करता को उपस्थित होने की बात कही गई मौके पर जांच के उपरांत नाली निर्माण में भारी अनियमिता पाई गई जांच टीम द्वारा एस्टीमेट के आधार पर जांच किया गया  जिस पर 4:30 मी नाली का निर्माण किया जाना था परंतु 308 मीटर नाली निर्माण पाया गया तथा  नाली की चौड़ाई 90 सेंटीमीटर होनी थी परंतु नाली का निर्माण में कहीं 60 सेंटीमीटर तो कहीं 45 सेंटीमीटर  पाया गया वहीं नीचे की फ्लोरिंग कंक्रीट भी मापदंड से 2 इंच कम तथा कुछ जगहों पर नाली स्लेप ढक्कन लगाया गया है जो डेढ़ इंच और 2 इंच है जबकि नाली स्लेप ढक्कन 4 इंच का एस्टीमेट में पाया गया नाली निर्माण  क्षितिज राज इंजीनियर ठेकेदार के द्वारा कराया गया यह बात गांव के देव प्रसाद ने बताया की नाली निर्माण क्षितिज राज द्वारा किया गया है और ऐस्टीमेट से हटकर कार्य कराया गया  शासन प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है  निर्माण कार्य सही हो की  जिम्मेदारी  तकनीकी सहायक क्षितिज राज कोषों की गई थी परंतु क्षितिज राज  द्वारा स्वयं ठेकेदारी कर निर्माण काम कर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया और इस नाली का सही लाभ ग्राम वासियों को नहीं मिल पाएगा जांच के दौरान शिकायत करता धर्म रात्रे ने बताया ग्राम वासी द्वारा मुझे जानकारी दी गई थी कि तकनीकी सहायक क्षितिज राज नाली की ठेकेदारी कर रहा है और इसके द्वारा नाली निर्माण में  भारी अनियमिता करते हुए  स्टीमेट से हटकर कार्य कराया जा रहा है जिसकी शिकायत मेरे द्वारा किए जाने पर 8 जुलाई को जांच टीम द्वारा जांच की गई जिसमें नाली  निर्माण एस्टीमेट के आधार पर नहीं पाया गया रात्रे ने बताया ग्राम वासियों द्वारा  बताया गया कि क्षितिज राज द्वारा नाली निर्माण का कार्य किया गया है जांच टीम एवं सरपंच  कि उपस्थिति में जांच किया गया जिसमें एस्टीमेट के आधार पर  90 सेंटीमीटर चौड़ा नाली बनना था  परंतु  कहीं  45,  कहीं 60 सेंटीमीटर पाया गया है परन्तु  तकनीकी सहायक के द्वारा मूल्यांकन एस्टीमेट  के आधार पर कर कूट रचना करते हुए शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया है जांच के दौरान ग्रामीण देवप्रसाद ने   नाली निर्माण, को लेकर बताया   इंजीनियर नाली निर्माण कर ठेकेदारी और एस्टीमेट से हटकर नाली निर्माण कर एस्टीमेट के आधार पर मूल्यांकन कर राशी आहरण कर लिया है जांच अधिकारी द्वारा नाली निर्माण को लेकर बताया गया की नाली के स्लेप  नाली निर्माण में भी अनीयमिता पाई गई है जिसको लेकर हमारे द्वारा जांच प्रतिवेदन अग्रिम कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारी को सौपां  जाएगा उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी