शिक्षक पूरी ईमानदारी एवं सत्यता और निष्ठा के साथ अपनी दायित्वों का करें निर्वहन : गगन जयपुरिया


बिर्रा – उक्त बातें हमारे देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षक सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन जी के जन्म जयंती के शुभ अवसर पर संकुल केंद्र बिर्रा एवं संकुल केंद्र सिलादेही और संकुल केंद्र डीडीएस बिर्रा तीनों संकुल के संयुक्त तत्वाधान में 24 सितंबर दिन बुधवार को दोपहर बाद संकुल केंद्र बिर्रा में आयोजित संकुल स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं विदाई समारोह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे गगन जयपुरिया अध्यक्ष जिला स्थाई शिक्षा समिति जिला पंचायत जांजगीर चांपा ने कहा। शिक्षक बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने से लेकर कर्मचारी, अधिकारी,विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति आदि बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन आजकल के शिक्षकों का वर्तमान में लगभग वेतन पच्चास हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक है। इसके बावजूद भी शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने लिखाने के बजाय बच्चों से स्कूल में धान छटवाते हैं। विकासखंड बम्हनीडीह के अंतर्गत कई स्कूलों में शिक्षकों के द्वारा बच्चों से रेता ,गिट्टी बजरी, सीमेंट आदि का मिश्रण कराते पाए गए हैं। इसके बावजूद भी कई स्कूलों में बच्चों से टॉयलेट आदि की साफ सफाई और पानी ढुलाई का काम करवाते भी पाया गया है। इसके अलावा सरकारी स्कूल के शिक्षक शराब पीकर स्कूल भी जाते हैं। यही हाल आजकल पूरा जांजगीर चांपा जिला और सक्ती जिला के कई स्कूलों के शिक्षकों का है। यह बड़े ही शर्म की बात है। शासकीय शिक्षकों का वेतन पर्याप्त मिलने के बावजूद भी शासकीय शिक्षक लोग अपने बच्चों को लगभग दस हजार रुपए की नौकरी करने वाले प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के पास अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई करने के लिए भेजा जाता है। इससे यह सिद्ध होता है कि शासकीय स्कूल के शिक्षकों के द्वारा बच्चों को पढ़ाया नहीं जा रहा है। सरकारी स्कूल के शिक्षक गण स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने लिखाने के बजाय स्कूलों के बाहर घूमते फिरते नजर आते हैं। इसके बावजूद भी कई शिक्षक पत्रकार भाई का रौब दिखाकर आसपास के गांवों में अवैध वसूली करने में भी लगे हुए हैं, यह ताजा मामला बिर्रा में सामने आया है। गगन जयपुरिया ने आगे कहा कि मैं जिला शिक्षा स्थाई समिति जांजगीर चांपा का अध्यक्ष व जिला पंचायत जांजगीर चांपा का उपाध्यक्ष होने के नाते सभी शिक्षकों से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि आप सभी अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को पूरी ईमानदारी सत्यता और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अपने घरों से दूर दूसरे दूसरे प्रांत में कमाने खाने गए गरीब मां-बाप के बच्चों को सरकारी स्कूलों में अच्छा से अच्छा बेहतर शिक्षा दें ताकि गरीब के बच्चों को भी दूसरे प्रदेश में कमाने खाने जाने की जरूरत न पड़े। आज के बच्चे कल के भविष्य के निर्माता है। और आप गुरुजन इस बच्चों के भाग्य विधाता है। सभी शिक्षकों से नम्र निवेदन करता हूं कि अपने पद की गरिमा को बनाए रखने का कष्ट करें।
कहा भी गया है कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय। बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए। संत कबीर दास द्वारा रचित इस दोहे का अर्थ है कि जब गुरु और गोविंद (ईश्वर) दोनों एक साथ खड़े हों, तो पहले गुरु के चरणों में प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि गुरु ने ही ईश्वर को जानने और पाने का सत मार्ग दिखाया है। यह गुरु की महिमा को रेखांकित करता है, जो व्यक्ति को भगवान के पास पहुँचने का ज्ञान प्रदान करता है। दोहे का अर्थ गुरु गोविंद दोऊ खड़े: जब गुरु (शिक्षक) और गोविंद (ईश्वर) दोनों एक साथ खड़े हों। काके लागूं पाय: तो किसके चरणों में शीश झुकाऊँ। बलिहारी गुरु आपनो: हे गुरु, मैं आप पर न्योछावर हूँ, आपका धन्यवाद करता हूँ।
गोविंद दियो बताए: क्योंकि आपने ही मुझे ईश्वर का मार्ग दिखाया है। भावार्थ इस दोहे में कबीर दास जी ने गुरु को ईश्वर से भी ऊँचा स्थान दिया है। इसका अर्थ है कि गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जिन्होंने हमें ईश्वर तक पहुँचने का रास्ता दिखाया है। इसलिए, ईश्वर और गुरु के मिलन की स्थिति में गुरु का सम्मान सबसे पहले करना चाहिए, क्योंकि उनके ज्ञान से ही हम ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन आजकल सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के द्वारा इसके विपरीत में कार्य किया जा रहा है। यह बात हमारे छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी के विष्णु देव साय की सरकार तक पहुंच चुकी है। यह बहुत ही बड़ी चिंताजनक बातें हैं। हमको और आप सभी शिक्षकों को इस बातों को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्य का निष्ठा पूर्वक पूरी ईमानदारी के साथ पालन करना है। बच्चों को पढ़ाना एवं लिखाना है। इस कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किए।संकुल स्तरीय सम्मान एवं विदाई समारोह कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि पीली बाई साहू सरपंच ग्राम पंचायत बिर्रा, मनोज कुमार तिवारी संचालक शारदा संगीत विद्यालय बिर्रा,एफ एल साहू प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा,गीता प्रसाद तिवारी भागवत वक्ता आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहन कुमारी साहू ने की। सर्वप्रथम इस कार्यक्रम के शुभारंभ में सभी अतिथियों के द्वारा वीणा दायिनी मां सरस्वती, भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी और भूतपूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण, पूजन अर्चना कर श्रीफल तोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष कुमार यादव प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बिर्रा ने किया। इस कार्यक्रम में बच्चों के द्वारा एक से अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रस्तुति किया गया है। छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा बहुत ही सुंदर ढंग से सभी अतिथियों के सम्मान करते हुए स्वागत गीत में नाच गान करते हुए सभी का मन मोह लिया गया।कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन लखन लाल कश्यप संकुल समन्वयक संकुल केंद्र डीडीएस बिर्रा के द्वारा व्यक्त किया गया। इस अवसर पर संकुल केंद्र बिर्रा के संकुल समन्वयक रामकिशोर देवांगन, गुरु प्रसाद भतपरे संकुल समन्वयक संकुल केंद्र सिलादेही ,एकादशीया साहू, मणिलाल कश्यप, लोकपाल देवांगन, हेमंत देवांगन, श्याम गोपाल साहू, शिलाराम साहू, लक्ष्मी प्रसाद देवांगन, प्रीतम खूंटे, मनबोध पटेल ,प्रमोद कश्यप, लीलाराम कश्यप ,सुषमा भगत, संतराम कश्यप, पंचराम कश्यप ,तुलेश्वर नागेश ,रश्मि तिवारी, पीतांबर कुर्रे ,गोवर्धन चंद्रा, रोहित कश्यप, तीजू राम साहू ,उत्तम साहू, कालेश्वर, भारती कश्यप, पूजा पटेल तुलेश्वर देवांगन आदि के अलावा संकुल केंद्र बिर्रा एवं संकुल केंद्र सिलादेही और संकुल केंद्र डीडीएस बिर्रा के समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं एवं बच्चे और ग्रामवासी भारी संख्या में उपस्थित थे।


