सक्ती

12 ज्योतिलिंग दर्शन एवं शिव जयंती महोत्सव का भव्य एवं दिव्य कार्यक्रम आयोजित

सक्ती –  प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सक्ती में महाशिवरात्रि के उपलक्ष में 12 ज्योतिलिंग दर्शन एवं शिव जयंती महोत्सव का भव्य एवं दिव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया , इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रफुल्ल ठाकुर जी पुलिस अधीक्षक जिला सक्ती, अतिथि श्याम सुंदर अग्रवाल जी नगर पालिका अध्यक्ष सक्ती अतिथि लखन लाल पटेल थाना प्रभारी सक्ती, गुरुमूर्ति राव जी मुख्य कार्यालय अधीक्षक रेलवे बाराद्वार, अतिथि  विद्या सिदार प्रदेश मंत्री भाजपा जनता पार्टी, तरेष त्रिपाठी जी (महाराज) राधे कृष्ण मंदिर सक्ती, बी.के. रुक्मणी दीदी जी कोरबा क्षेत्र संचालिका,बी.के.बिंदु दीदी जी जमनीपाली (कोरबा) सेवा केंद्र संचालिका उपस्थित रहे कार्यक्रम का शुभारंभ शिव भगवान की आरती से किया गया तत्पश्चात अतिथियों का तिलक एवं गुलदस्ता भेट किया गया कार्यक्रम में बच्चों द्वारा संस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया गया इस अवसर पर बी.के.दीदी जी ने सभी को शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा । महाशिवरात्रि एक दिव्य पर्व है यह परमात्मा शिव का अवतरण का संदेश है आज हम सभी 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव मनाने आये ।और मुझे अति हर्ष व खुशी हो रही है यह बताते की परमात्मा शिव धरा पर आएंगे नहीं आ चुके हैं और परमात्मा शिव को आए हुए 90 वर्ष हो चुके हैं और वह अपना दिव्य एवं अलौकिक कार्य कर रहे हैं बी.के.बिंदु दीदी जी ने परमात्मा अवतरण के लक्षण को बताते हुए कहा कि अति धर्म ग्लानी होता है तब मैं आता हूं और आकर एक साधारण मनुष्य तन का आधार लेता हूं और परमात्मा आकर अपना दिव्य कार्य कर रहे हैं इसलिए इस महाशिवरात्रि में आप सभी को ईश्वरीय संदेश देते हुए खुशी हो रही है कि आप परमात्मा को और अपने को पहचानो, फिर यह नहीं कहना कि भगवान आप आए और हमें बताया नहीं, प्रफुल्ल ठाकुर sp जी ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि मैने ब्रह्माकुमारी नाम ही सुना था पर मुझे कार्यक्रमों के माध्यम से ब्रह्माकुमारी जाना हुआ वहां जाकर मुझे अति शांति की अनुभूति हूई और मुझे रायपुर शांति सरोवर सेंटर पर भी मेरा जाना होता रहा। मैं यह कहना चाहता हूं कि सभी को जिंदगी एक बार मिलती है हम सभी को पता है मृत्यु तो निश्चित है, शिव भोलेनाथ जो सब कुछ सहनकर ग्रहण करते हैं ऐसे ही हममें भी ग्रहण क्षमता होनी चाहिए हमें कटु शब्द नहीं बोलनी चाहिए अच्छे बुरे वह हम अपने कर्मों से बनते हैं हमे अपनी वाणी को संयमित रखें शब्दों को चयन कर बोले बड़ों का सम्मान और छोटो को मार्गदर्शन करें मुझे लगता है हम नई सृष्टि , नई समाज, नई संस्कार की ओर अग्रसर होंगे इसी शुभ आशा के साथ पुनः आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं,, विद्या सिदार ने कहा हम सभी यहां शिव जयंती मनाने पहुंचे हैं मुझे ब्रह्माकुमारी बहनों का सानिध्य मिलती रहती है मुझे बहुत कुछ सीखने को मिलता है मैं भी अपने जीवन को ज्ञान भरी बातों अमल मे लाने की कोशिश करती हूं यहां अनेक कार्यक्रम के माध्यम से अच्छी अच्छी बात सुनने को मिलती है और यह आध्यात्मिक मार्ग बहुत शक्ति प्रदान करती है, गुरुमूर्ति राव जी ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि मुझे परमात्मा का पहचान मिल गया है और मैं परमात्मा का 3 महीने का छोटा सा बच्चा हूं और आप सभी कार्यक्रम में आए हुए सभी भाई बहनों से आग्रह करता कि आप भी राजयोग की शिक्षा से अपने को और परमात्मा को पहचानो और अपना भाग्य बनाओ, श्याम सुंदर अग्रवाल जी कहा कि ब्रह्माकुमारी से मेरा आत्मिक लगाव रहा है मुझे संस्था द्वारा होने वाले कार्यक्रम में आने का मौका मिलता रहता है ब्रह्माकुमारी द्वारा समाज में परमात्मा संदेश देने के लिए अनेक अनेक कार्यक्रम करते हैं और सक्ती नगर में होने वाले सभी कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहने अपनी उपस्थित अवश्य दर्ज करती हैं और आज शिव जयंती के अवसर पर आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं, ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी जी ने अपने आशीर्वचन के रूप में कहा कि इस महाशिवरात्रि पर सभी यह प्रतिज्ञा करें कि आज शिव जयंती पर हम अपनी एक कोई भी बुराई छोड़ेंगे कार्यक्रम में आए हुए सभी भाई बहनों एक घंटा समय निकालकर सात दिवसीय राजयोग कोर्स सीखे और अपने जीवन को सुख शांति से भरपूर करे, साथ साथ परमात्म संदेश आप सभी को हम दे रहे हैं इसलिए आप अपने जीवन के 1 घंटे अवश्य निकले राजयोग सीखे, बी.के. बिंदु दीदी ने सभी भाई बहनों को राजयोग मेडिटेशन कराया , और सभी अतिथियों को ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी एवं बी.के.बिंदु जी ने सभी अतिथियो को ईश्वरीय सौगात भेट की,ब्रह्माकुमारी तुलसी दीदी ने सभी अतिथियों का अभार व्यक्त किया ब्रह्माकुमारीज मधु दीदी ने सुचारू रूप से मंच संचालन किया और महाशिवरात्रि के अवसर पर केक कटिंग कर परमात्मा शिवबाबा का झंडा फहराया गया। कार्यक्रम में आए हुए सभी भाई बहनों ने द्वादश ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर अपने आप को धन्य महसूस किय एक साथ एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन किए साथ ही सभी भाई बहनों ने ब्रह्मा भोजन प्रसाद स्वीकार किया ।