गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं की पुजा अर्चना कर शिष्यों ने लिया आशीर्वाद


सक्ती – सोमवार 03 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व अंचल में धूमधाम एवं हर्षोल्लास से मनाया गया , मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के ही दिन महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था. सनातन धर्म में महर्षि वेदव्यास को प्रथम गुरु का दर्जा प्राप्त है क्योंकि सबसे पहले मनुष्य जाति को वेदों की शिक्षा उन्होंने ही दी थी.
गुरु पूर्णिमा, गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा, गुरु पूजा और कृतज्ञता का दिन है। इस दिन परमेश्वर शिव ने दक्षिणामूर्ति के रूप में ब्रह्मा के चार मानसपुत्रों को वेदों का ज्ञान प्रदान किया था और इसी दिन महाभारत के रचयिता वेद व्यास जी का जन्मदिन भी है। उनके सम्मान में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
कहा भी गया है कि गुरू ब्रह्मा, गुरू विष्णु, गुरू देव महेश्वर गुरु साक्षात परम ब्रह्म, तस्वै श्री गुरुदेव नमः इसी प्रकार गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताए अगर भगवान और गुरुदेव दोनों साथ में खड़े हैं तो पहले गुरुदेव को प्रणाम करना चाहिए . क्योंकि गुरुदेव ही भगवान तक पहुंचा सकते हैं गुरु की महिमा जितनी भी कहे कम ही है..। हर किसी के जीवन में गुरु का होना आवश्यक है। गुरु पूर्णिमा एक हिंदू त्योहार है जो गुरु या किसी भी आध्यात्मिक शिक्षक को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। यह उनका आभार व्यक्त करने का भी एक तरीका है। गुर शब्द संस्कृत शब्द के गु से शुरू होता है, जिसका अर्थ है अंधकार और रु का अर्थ है दूर करना। अर्थात गुरु का मतलब है अंधकार को दूर करना । आज इस शुभ अवसर पर गुरु पूर्णिमा के दिन नगर के श्री राधा कृष्ण मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन रखा गया था जिसमें परम पूज्य गुरुदेव अनंत श्री विभूषित याज्ञिक सम्राट चैतन्य श्री अग्निशिखा महाराज गुरु पूजन चरण पूजन कर शिष्यों ने आशीर्वाद लिया ,इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित उड़ीसा से भी स्वामी जी के शिष्य गुरु पूजन कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इसी प्रकार नगर के विद्वान पंडित भोला शंकर तिवारी के निवास पर भी गुरु पूजन महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें अधिक संख्या में शिष्य पहुंचकर गुरु पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। इसी प्रकार महामंडलेश्वर अमृतानंद सरस्वती जी भरत जी महाराज के निवास पर भी गुरु पूजन महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें शिष्यों ने गुरु पूजन कर उनसे आशीर्वाद लिया ।इसी प्रकार बाराद्वार के श्री राधा मोहन मंदिर में गोविंद बाबा आचार्य बांके बिहारी जी का भी गुरु पूजन कार्यक्रम रखा गया जिसमें शिष्यगण गुरु पूजन कर उनसे आशीर्वाद लिए इसी प्रकार आचार्य श्री राजेंद्र जी महाराज के शिष्य भी गुरु पूजन कर आशीर्वाद लिए हैं। आज इस अवसर पर हर्षोल्लास के साथ गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया।


